खोजते रहें
सीमाओं ने अलग किया.
मोटरसाइकल ने मिलाया.
चार मिनट में पढ़ें

हैली बेल, फ़रवरी 2019 में जॉन ओ' ग्रोट्स की यात्रा पर अकेले अपनी मोटरबाइक पर निकल गई थीं. जॉन ओ' ग्रोट्स, स्कॉटलैंड के उत्तरी हिस्से में मौजूद एक छोटा सा गांव है. यहां का मौसम आम तौर पर कोहरे से भरा होता है. शुरुआत में जो यात्रा, दोपहर में खूबसूरत नज़ारों वाला एक अकेला सफ़र लग रहा था, वह उससे काफ़ी कुछ अलग था: हैली जल्द ही आधिकारिक रूप से [Women Riders World Relay] (https://womenridersworldrelay.com/) (WRWR) शुरू करने वाली थीं. इस रिले की योजना, हैली और उनकी मदद करने वाली स्वयंसेवकों की टीम ने तैयार की थी. इस रिले में 3 हज़ार से ज़्यादा राइडर (या कहें गार्डियन) ने एक महान बैटन के साथ 79 सीमाओं को पार किया. साथ ही, ये रिले एक साल में 1 लाख किलोमीटर के मुश्किल भरे रास्तों पर मोटरबाइक दौड़ाने के बाद खत्म हुआ.

"Women Riders World Relay, सिर्फ़ महिला बाइकर की एक रिले नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का आंदोलन है. हमने यह साबित कर दिया है कि मज़बूत और स्वतंत्र महिलाओं के ग्रुप के सामने किसी भी तरह का कोई भेदभाव पैर नहीं पसार सकता."
लारा ताराबे (यूएई) 303 कि.मी.

कई राइडर, रिले के किसी एक हिस्से में शामिल हुईं. उन्होंने अपने देश के रास्ते पर बाइक चलाना चुना. वहीं बाकी महिलाओं ने इसे दूसरे देशों की जगहों और अनजान संस्कृति के बारे में जानने के मौके के रूप में इस्तेमाल किया. (वहीं कुछ बहुत महत्वाकांक्षी लोगों ने पूरी रिले में हिस्सा लिया.) इस इवेंट के हर दिन के लिए, रिले के एडमिन ने रास्तों का ब्लूप्रिंट तैयार किया था. इसके लिए, Google Maps की मदद ली गई थी. साथ ही, हर देश और भाषा के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया गया. इस ब्लूप्रिंट में, राइडर को मंज़िल तक पहुंचने के लिए, हर संकरे और वैकल्पिक रास्तों के बारे में बताया गया था. साथ ही, सीमाओं की जानकारी दी गई थी. जब यह रिले इवेंट खत्म हुआ, तब तक अनजान राइडर का यह ग्रुप, साथ बिताए पलों की वजह से एक हो चुका था – उन्होंने साथ मिलकर अब तक की सबसे लंबी मोटरसाइकल रिले पूरी की और अपना नाम इतिहास में दर्ज करवाया है.

मुस्कुराता हुआ, मोटरसाइकल पर सवार महिलाओं का ग्रुप

अमेरिका में, 211 से 228वें दिन की रिले

ब्रिटेन के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली हैली को अपने परिवार से, मोटरसाइकल चलाने की इजाज़त कभी नहीं मिली. जबकि उनके पिता, भाई, और कज़न खुद राइडर थे. इस वजह से उन्होंने खुद मोटरसाइकल चलाने की उम्मीद छोड़ दी थी – हालांकि, पांच साल पहले एक मोटरसाइकल रेस देखने जाते समय, उनकी इच्छा फिर से जाग गई. वह अपने पूर्व प्रेमी की बाइक पर बैठकर इस रेस को देखने जा रही थीं. इसके बाद, उन्होंने बाइक चलाने की ट्रेनिंग ली और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. हैली ने WRWR की शुरुआत, उन महिलाओं की खोज करने के लिए की थी जिनके साथ वह बाइक चला सके. हालांकि, अब यह दुनिया भर की महिला राइडर का समुदाय बन चुका है.

इस इवेंट में राइडर को सिर्फ़ एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम शामिल नहीं था, बल्कि उनकी सुरक्षा (और खाने का) का ध्यान रखना भी बेहद ज़रूरी था. योजना बनाने वाली टीम ने Google Maps का इस्तेमाल करके 300 दिन में तय किए जाने वाले रास्तों की योजना तैयार की थी. इसमें कई ऐसी जगहों की जानकारी भी शामिल थी जहां अगर राइडर रुकना चाहें, तो रुक सकते थे. जैसे कि 24-घंटे खुले रहने वाले पेट्रोल पंप या ज़रूरत के सामान की दुकान. साथ ही, यात्रा के हर पड़ाव के साथ सुरक्षा और कड़ी कर दी गई.

हेलमेट पहनकर मोटरसाइकल चलाती हुई एक महिला. अपनी मोटरसाइकल के साथ पोज़ देती एक महिला.

तीन महिला राइडर के ऐतिहासिक सफ़र के बारे में जानें. इसमें उन्होंने अमेरिका, मेक्सिको, और साउथ अफ़्रीका के वेस्टर्न केप की यात्रा की.

रिले खत्म होने की पार्टी, फ़रवरी में हुई. इसमें 40 देशों के सैकड़ों राइडर ने हिस्सा लिया. इस इवेंट के दौरान इन महिला राइडर ने एक-दूसरे को अपनी कहानियां बताईं. साथ ही, सफ़र के अपने अनुभव बाँटे. हैली का कहना है, “यकीन नहीं था कि हमें सभी देशों के लोगों से इतना प्यार मिलेगा और वे हमारा स्वागत इतने जोश के साथ करेंगे. वहीं एक-दूसरे के साथ अनुभव बाँटना भी काफ़ी शानदार रहा."

“मैं दुनिया भर से प्रेरणा देने वाली महिलाओं का एक ऐसा ग्रुप तैयार करना चाहती थी जो दुनिया के हर कोने में साहस, रोमांच, एकता, और बाइक चलाने के जुनून को बढ़ावा दे सके.”
हैली बेल, WRWR की फ़ाउंडर (यूके) 20921 कि.मी.
मोटरसाइकल चलाने वाली महिलाएं बातचीत करती हुईं
मोटरसाइकल चलाने वाली महिलाएं
रोड के किनारे एक साथ खड़ी महिलाएं.
केन्या में मोटरसाइकल चलाती महिलाएं

केन्या में, 333 से 334वें दिन की रिले

जब मैं दुनिया भर के मोटरसाइकल चलाने का इतिहास देखती हूं, तो पाती हूं उसमें महिलाएं भी शामिल रही हैं. हालांकि, इसके बावजूद यह उद्योग, पुरुषों की तरफ़ झुका हुआ है. इसलिए, दुनिया भर में जागरूकता फैलाने के लिए शुरू की गई इस मुहिम का हिस्सा बनना ज़रूरी है. ऐसा करने पर ही मोटरसाइकल उद्योग हमें गंभीरता से लेना शुरू करेगा.

मिक्की एम. एविस (अमेरिका) 724 कि.मी.

जैकेट पहने हुए, मोटरसाइकल चलाने वाली एक महिला जो पीछे मुड़कर खड़ी है. मोटरसाइकल चलाने वाली एक महिला का पोर्ट्रेट.
मोटरसाइकल चलाने वाली एक महिला का पोर्ट्रेट. मोटरसाइकल चलाने वाली एक महिला का पोर्ट्रेट.

मैंने बाइक इसलिए चलाना शुरू किया, क्योंकि इससे मैं शक्तिशाली, आज़ाद, और ज़िंदा महसूस करती हूं. मैं अपनी ज़िंदगी की दौड़ का हिस्सा बनना चाहती हूं, न कि एक दर्शक की तरह बैठे रहना. मुझे ऐसी शानदार जगहें देखने का मौका मिला जिनके बारे में मैंने कभी साेचा भी नहीं था. साथ ही, मुझे ऐसे लोगों से मिलने का मौका मिला जिनसे शायद मैं कभी नहीं मिल पाती. इन दोनों चीज़ों की वजह से मैं एक बेहतर इंसान बनी हूं.

लीसा जॉर्डन स्पेलर (कनाडा) 640 कि.मी.

संयुक्त अरब अमीरात में मोटरसाइकल सवार

संयुक्त अरब अमीरात में, 337 से 338वें दिन की रिले

हवा में बाल लहराते हुए, मोटरसाइकल चलाती हुई एक महिला. हेलमेट के साथ फ़ोटो के लिए पोज़ देती चार महिलाएं.

पैरों से दिव्यांग होने की वजह से मुझे पैदल चलने में दिक्कत होती है. मेरी मॉडिफ़ाई (बदलाव करना) की हुई बाइक, मेरे उन पैरों का काम करती है जो मेरे पास कभी नहीं थे. अब मैं उन जगहों पर भी जा सकती हूं जहां मैं हमेशा जाना चाहती थी. साथ ही, सफ़र के दौरान, ऐसे शानदार लोगों से भी मिल सकती हूँ जिनसे हमेशा मिलना चाहती थी. इस आज़ादी ने मेरी ज़िंदगी बदल दी.

शिंता उतामी (इंडोनेशिया) 13 हज़ार कि.मी.

तंज़ानिया में मोटरसाइकिल चलाती महिलाएं

तंज़ानिया में, 330 से 333वें दिन की रिले

मोटरसाइकल चलाने वाली महिलाएं
मोटरसाइकल पर रखा हेलमेट.
एक-दूसरे के साथ बात करती और हँसती हुई महिलाएं.
अमेरिका में मोटरसाइकल चलाती महिलाएं

अमेरिका में, 211 से 228वें दिन की रिले

“तीन साल पहले, मैं महिला ट्रांसजेंडर के रूप में दुनिया के सामने आई. ऐसा करने के बाद मैंने बहुत से दोस्त खो दिए और अकेली हो गई. बाइक पर वापस बैठना, मेरा सबसे अच्छा फ़ैसला था. ऐसा करने से मुझे सोचने और किसी चीज़ पर ध्यान लगाने का समय मिला.”
लौरा एन कैरल पीटर्स (यूके) 321 कि.मी.

मेरे 24 साल के बेटे की मौत श्वेतरक्तता (ल्यूकेमिया) की वजह से हो गई थी. उसे बाइक चलाना काफ़ी पसंद था. उसे पता था कि मुझे भी बाइक चलाना पसंद है, इसलिए वह मेरे लिए अपनी बाइक छोड़ कर गया. इस तरह, वह न होकर भी मेरे साथ है. यही मेरा योग है, यही मेरी पूजा है, और इसी से मुझे सुकून मिलता है. इससे मुझे अपने दुख को भुलाने में मदद मिलती है और मैं किसी और चीज़ पर ध्यान लगा पाती हूं. मैं अपने बेटे के साथ इस रेस में हिस्सा लूंगी. हालांकि, लौटते समय मेरी आंखें ज़रूर नम होंगी.

जेनी हेबरिड (न्यूज़ीलैंड) 498 कि.मी.

मोटरसाइकल चलाने वाली महिलाएं अपनी मोटरसाइकल के साथ पोज़ देती एक महिला.
अपनी नारंगी रंग की मोटरसाइकल पर बैठी हुई एक महिला. मोटरसाइकल चलाने वाली महिलाएं
मोटरसाइकल
हाथ की उंगलियों से डब्ल्यू का निशान बनाती दो महिलाएं.
मोटरसाइकल चलाने वाली महिलाएं

Women Riders World Relay के दुनिया भर में फैले रास्ते

हम दुनिया को दिखाना चाहते थे कि अलग-अलग जगहों की ये महिलाएं, यहां एक समान लक्ष्य के लिए साथ आई हैं. यह मायने नहीं रखता कि वे किस रंग की हैं, किस धर्म की या किस राजनीतिक विचारधारा को मानती हैं. इनमें से कुछ मायने नहीं रखता. वे दादी-नानी, मां, पत्नी, बहन, बेटी या और भी कुछ हो सकती हैं. हम सब साथ आए और हम सभी ने किसी चीज़ के लिए सहमति दी. यह एक शानदार अनुभव था.

कर्टनी निक्स (अमेरिका) 19,312 कि.मी.

मोटरसाइकल चलाते हुए महिलाओं का ग्रुप.

फ़ोटो: लानाकिला मैकनौटन

हैली, रियालेट, और कर्टनी के दुनिया भर में पसंदीदा रास्तों के बारे में और जानें.

शीर्ष पर वापस जाएं