ऐसे बना अक्षय ऊर्जा उद्योग

ऐसी तीन जगहों का सफर जहां पवन और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मज़बूत हो रही है.

जेसी कैट्ज़

अर्नेट (जनसंख्या 511) और विची (जनसंख्या 702) के बीच, ओक्लाहोमा पैनहैंडल के एक शांत इलाके में एकदम रेतीली सी जगह है, जहां पर खड़े हैं ग्रेट वेस्टर्न विंड प्रोजेक्ट के 300 फ़ुट ऊंचे, 93 टरबाइन. इन टरबाइनों के ब्लेड से जब हवा टकराती है, तो ऐसा लगता है जैसे घड़ी की सुइयां तेज़ी से घूमने लगी हों. धूल से सनी कच्ची सड़क पर गाड़ी चला रहे, साइट के मैनेजर टॉड अनराइन बताते हैं, “यहां आकर ऐसा लगता है जैसे कि आप एकदम वीरान जगह पर आ गए हों.”

ग्रेट वेस्टर्न का बस एक अकेला ग्राहक Google है, जो पवन उर्जा फ़ार्म में पैदा होने वाली बिजली की हर यूनिट खरीद लेता है. दुनिया में अक्षय ऊर्जा के सबसे बड़े कॉरपोरेट खरीदार के तौर पर, Google पर्यावरण हितैषी बिजली उत्पादकों के बढ़ रहे समूह से ऊर्जा लेता है. इनमें से कई तो इसी तरह के दूर-दराज के इलाकों में मौजूद हैं. इन इलाकों में टेक्सस के लानो एस्टाकाडो, चिली के अटाकामा रेगिस्तान, स्वीडन के लैपलैंड, डच उत्तरी सागर के सेतु और बांध, उत्तरी केरोलीना के ब्लू रिज पर्वत की तलहटी जैसे इलाके शामिल हैं. कुल मिलाकर, Google ने 2.6 गीगावाट से भी अधिक बिजली के लिए पवन और सौर ऊर्जा के 20 प्रोजेक्टों के साथ अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं. अपनी इस पहल के ज़रिए वह उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां पहुंचने की कोशिश भी गिनी चुनी कंपनियां ही कर पाई हैं. साल 2017 तक आते-आते, Google इतनी अक्षय ऊर्जा खरीदने की तैयारी पूरी कर चुका है कि इससे वो अपने कामकाज से जुड़ी हर ज़रूरत पूरी कर सके.

Google में वैश्विक ऊर्जा नीति और बाज़ार कार्यक्रम के प्रमुख मार्सडेन हैना बताते हैं कि अभी एक साल पहले तक Google उस मकसद के आधे रास्ते तक ही पहुंचा था. वह कहते हैं, "इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया." हैना मानते हैं, “यह बस एक शुरुआत है.”

पर्यावरण हितैषी बनना किसी टरबाइन से सीधे डेटा केंद्र तक ट्रांसमिशन लाइन चलाने जितना आसान नहीं है. दुनिया के कई हिस्से तो ऐसे हैं जहां कानूनों की वजह से उपभोक्ताओं को बिजली बेचने के अधिकार पर कई नियंत्रण हैं . नियंत्रणों से जुड़ी इन रुकावटों को दूर करने के लिए, Google ने इसका हल निकालने की कोशिश की है. इसमें सबसे पहले पवन या सौर ऊर्जा फ़ार्म से बिजली खरीदी जाती है. इसके बाद उस अक्षय ऊर्जा को किसी संस्था को बेचा जाता है और अंत में उससे वापस सामान्य बिजली खरीदी जाती है. ऐसा नहीं है कि इस मॉडल में कोई कमी नहीं है, लेकिन इससे Google को अपने डेटा केंद्रों वाले ग्रिड में तेज़ी से पर्यावरण हितैषी ऊर्जा की आपूर्ति करने का मौका मिलता है. इसकी मदद से, सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे जो बिजली इस्तेमाल होती है उसमें पवन और सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी भी बराबर की है. हैना के मुताबिक अगला लक्ष्य है, "पर्यावरण हितैषी ऊर्जा से ही Google की ऊर्जा की सारी ज़रूरतों को पूरा करना."

2,600 मेगावाट पर्यावरण हितैषी ऊर्जा पैदा करने के लिए सबको साथ मिलकर कोशिश करने की ज़रूरत होती है

अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में Google की 20 साझेदारियों से रोज़गार के नए मौके मिल रहे हैं—इनमें से ज़्यादातर नौकरियां मुख्य तकनीकी क्षेत्रों से बाहर की हैं.

उत्तरी अमेरिका: 1. गोल्डन हिल्स: अलामेडा काउंटी, कैलिफ़ोर्निया 2. बेथेल: कैस्ट्रो काउंटी, टेक्सस 3. हैपी हेफ़र्ड: डेफ़ स्मिथ काउंटी, टेक्सस 4. ब्लूस्टेम: बीवर काउंटी, ओक्लाहोमा 5. सिमारोन बेंड: क्लार्क काउंटी, कान्सास 6. ग्रेट वेस्टर्न: एलिस/वुडवर्ड काउंटी,ओक्लाहोमा 7. कनाडाई हिल्स: कनाडाई काउंटी, ओक्लाहोमा 8. मिनको II: ग्रेडी/कैडो काउंटी, ओक्लाहोमा 9. स्टोरी काउंटी II: स्टोरी/हार्डिन काउंटी, आयोवा 10. मिडअमेरिकन एनर्जी विंड VIII: ओब्रायन काउंटी, आयोवा 11. रदरफ़ोर्ड फ़ार्म: रदरफ़ोर्ड काउंटी, उत्तरी कैरोलीना यूरोप: 12. लेहटिरोवा: स्वीडन 13. मेवारा: स्वीडन 14. जेनासेन: स्वीडन 15. ईओलस विंड फ़ार्म: स्वीडन 16. टेलीनस: नॉर्वे 17. ब्यूफ़ोर्ट: नीदरलैंड्स 18. डेल्फ़ज़ेल: नीदरलैंड्स 19. विंडपार्क क्रेमर: नीदरलैंड्स दक्षिणी अमेरिका: 20. एल रोमेरो: चिली

साल भर में जितनी बिजली की खपत होती है (जो कि लगभग पूरे सैन फ़्रांसिस्को शहर की खपत के बराबर है) उसे पूरा करने के लिए ज़रूरी अक्षय ऊर्जा तभी मिल सकती है, जब नए इलाकों की खोज की जाए और नए आपूर्ति करने वालों को तैयार किया जाए. इस पहल के जो नतीजे निकले वो बड़े अहम हैं: जहां एक ओर पहले पवन और सौर फ़ार्मों का कोई वजूद ही नहीं था, वहीं दूसरी ओर Google ने इनके विकास पर अरबों रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है. इसकी वजह से पर्यावरण हितैषी ऊर्जा पर आधारित एक पूरी अर्थव्यवस्था खड़ी करने में मदद मिली है. इससे दुनिया भर में लाखों टरबाइन तकनीशियनों, सौर ऊर्जा को इंस्टॉल करने वालों, टिकाऊ विकास के लिए काम करने वाले (सस्टेनेबिलिटी प्रोफ़ेशनल) और मज़दूरों को काम मिला है. इनमें से कुछ जगहों (इस मामले में, तीन) पर जाकर ही आप यह देख पाएंगे कि इस कोशिश से कैसे कई समुदायों की ज़िंदगी बदल रही है.

अगर आप वाकई अपनी कल्पनाओं को उड़ान भरने देते हैं, तो हो सकता है कि आप इस बात की एक झलक देख पाएं कि किस तरह से सूरज और हवा—जो आत्माओं, मिथकों, अंधविश्वासों से भरी कहानियों का हिस्सा थे—अब डिजिटल और ऑनलाइन हो चुके हमारे आधुनिक जीवन का एक खूबसूरत हिस्सा बन चुके हैं. अब इसे ज़रा एक अलग नज़रिए से देखिए. जब ओक्लाहोमा के मैदानों में हवा बहती है, तो हो सकता है कि उसके झोंकों से मिलने वाली ऊर्जा की वजह से ही कोई Google पर “ओक्लाहोमा गीत के बोल!” खोज पा रहा हो.*”

साइट 1:

विंडपार्क क्रेमर

नीदरलैंड्स

34 टरबाइन

जनवरी 1953 की एक रात जब पूरा नीदरलैंड्स सो रहा था, तब एक खतरनाक तूफ़ान की वजह से उठे भयंकर ज्वार-भाटे ने समुद्री किनारे पर बसे गांवों को डुबा कर रख दिया. उस विनाशकारी बाढ़—वॉटरस्नूडरैंप—में लाखों एकड़ खेत डूब गए, हज़ारों इमारतों को नुकसान पहुंचा और 1,836 लोगों की मौत हो गई. उस तबाही की वजह से डच सरकार ने सिविल इंजीनियरिंग की एक अनूठी पहल पर काम शुरू किया : पुलों, तटबंधों, जलमार्गों और बांधों का एक नेटवर्क बनाया गया जो 'डेल्टा वर्क्स' नाम से जाना जाता है. इन उपायों के ज़रिए आज एक ऐसा देश सुरक्षित महसूस करता है जो समुद्र तल की बराबरी पर या उससे नीचे है.

यह सबके लिए हैरत की बात थी कि सुरक्षा के इन पुख्ता इंतज़ामों से दो कदम आगे बढ़ते हुए, दो स्थानीय कंपनियां सामने आई जिन्होंने अक्षय ऊर्जा की अगुवाई की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली. इनमें से एक हैं प्रायद्वीपीय ज़ीलैंड प्रांत की (Zeeuwind) और दूसरी गोएकी-ओवरफ़्लेकी आइलैंड की (Deltawind). ये दोनों 'विंडपार्क क्रेमर' नाम से 34 टरबाइन वाला, 102 मेगावाट का पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट साथ मिल कर तैयार कर रहे हैं. इससे न केवल कुछ हज़ार डच परिवारों को, बल्कि Google समेत चार बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी बिजली मिलेगी. विंडपार्क के निदेशक ताइमेन कीज़मात कहते हैं, "यहां के लोग बहुत आदर्शवादी हैं." वह खुलकर बताते हैं कि कैसे इन कोऑपरेटिव की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी. ताइमेन कहते हैं, "वह ऐसा समय था जब बड़े पैमाने पर परमाणु ऊर्जा के ख़िलाफ़ माहौल बन गया था और हर ओर पर्यावरण को सुरक्षित रखने पर ज़ोर दिया जा रहा था."

“हम इतनी ज़्यादा ऊर्जा पैदा कर रहे हैं कि हम Google जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी को, पर्यावरण हितैषी बनाने में मदद कर सकते हैं.”

ताइमेन कीज़मात, विंडपार्क 
क्रेमर, नीदरलैंड्स

ताइमेन कीज़मात, विंडपार्क 
क्रेमर, नीदरलैंड्स

कीज़मात इसे एक अजीब विडंबना मानते हैं कि डच बोहेमियन की सहकारी संस्था दुनिया भर में सार्वजनिक रूप से व्यापार करने वाली कंपनियों को बिजली बेच रही है. 44 साल के कीज़मात ने ट्वेंटी विश्वविद्यालय से विज्ञान, तकनीक और समाज के दर्शन शास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है. वह कहते हैं, “सच बोलूं तो, मैं इस बात को लेकर थोड़ा परेशान था कि सदस्य इस बारे में कैसा महसूस करेंगे.” वो आगे कहते हैं, “लेकिन असल में उन्हें इस बात का बहुत फ़ख्र था. हम इतनी ज़्यादा ऊर्जा पैदा कर रहे हैं कि हम एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी को पर्यावरण हितैषी बनाने में मदद कर सकते हैं."

नियंत्रण से जुड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे अमेरिकी ऊर्जा उत्पादकों के उलट, कीज़मात बड़ी आसानी से नियंत्रण से मुक्त यूरोपीय बाज़ार में सीधे उपभोक्ताओं को बिजली बेच सकते हैं. इस प्रोजेक्ट के अगुआ जानते थे कि Google का एक मकसद स्वच्छ ऊर्जा के बाज़ार को इतना फैलाना और सस्ता बनाना है जिससे कि यह सबका ध्यान अपनी ओर खींच सके. यही वजह थी कि इसके लिए उन्होंने Google का रुख किया. कीज़मात कहते हैं, “हमारे लिए यह बहुत अहम था कि ये आने वाले कल की ज़िम्मेदारी उठाएं और ऐसा सिर्फ़ दिखावे के लिए नहीं हो.”

साइट 2:

रदरफ़ोर्ड फ़ार्म

उत्तरी कैरोलाइना, संयुक्त राज्य अमेरिका

289,104 सौर पैनल

उन्होंने अपना विस्तार बब्बाज़ कार्प लेक से लेकर मि. रेडिएटर और चेज़ हाई स्कूल से प्रोविडेंस यूनाइटेड मेथडिस्ट चर्च तक किया है: 289,104 मोनोक्रिस्टलिन सौर पैनल, लगभग 375 फ़ुटबॉल के मैदानों जितनी जगह में फैले हुए हैं. इनमें हर पैनल ठीक 20-डिग्री के कोण पर दक्षिण की ओर झुका हुआ है ताकि इससे ज़्यादा से ज़्यादा सौर ऊर्जा बनाई जा सके. बैंगनी रंग की सिलिकॉन परत पर एक दूसरे को काटती रेखाओं की वजह से वे मक्खी की बड़ी सी आंख जैसे लगते हैं.

टकीला जी. स्मिथ कहती हैं, "जब मैं इनके बीच में होती हूं, तो ये मुझे बेहद खूबसूरत लगते हैं." स्मिथ Southern Power की सौर फ़्लीट मैनेजर हैं. यह नॉर्थ कैरोलाइना की फ़ॉरेस्ट सिटी के के पास चल रहे सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट 'रदरफ़ोर्ड फ़ार्म' की मालिक Southern Company की सहायक कंपनी है. जहां Southern Power तकनीकी रूप से रदरफ़ोर्ड फ़ार्म की बिजली—नॉर्थ कैरोलीना के विनियमों के मुताबिक—Duke Energy को बेचता है, वहीं Google पहले ही रदरफ़ोर्ड फ़ार्म में पैदा होने वाली बिजली की हर यूनिट Duke Energy से खरीदने की सहमति जता चुका है.

“प्रकृति में मौजूद किसी चीज़ का इस्तेमाल करके हम सभी की ज़रूरत की चीज़ बना लेना, इससे पता चलता है कि कोई चीज़ कैसे एक चक्र पूरा करती है.”

टकीला जी. स्मिथ, सदर्न पावर

टकीला जी. स्मिथ, सदर्न पावर

यह कोई संयोग नहीं है कि Google 2007 से ही फ़ॉरेस्ट सिटी से केवल 50 मील की दूरी पर हाइवे 64 तक, उत्तरी कैरोलाइना के लिन्योर में डेटा केंद्र चला रहा है. यहां Duke Energy के ग्रिड से बिजली ली जाती है. Google ने लिन्योर (और उसके पास के कैल्डवेल काउंटी) को 1.2 अरब डॉलर की लागत वाले राऊटरों और स्विचों के बहुत बड़े केंद्र के रूप में चुना. इसे चुनने की एक वजह इस शहर की फ़र्नीचर बनाने वाले केंद्र के रूप में बनी पहचान भी थी. हालांकि लिन्योर के कई बड़े कारखाने बंद हो गए हैं, लेकिन Google उनके ज़रिए इस्तेमाल किए जाने वाले ऊर्जा से जुड़े ज़्यादातर बुनियादी संसाधनों को फिर से इस्तेमाल में ला रहा है.

हाइवे से बस एक घंटे की दूरी पर मौजूद रदरफ़ोर्ड फ़ार्म के साथ साझेदारी करके Google अब ऊर्जा के उस पुराने बुनियादी ढांचे में पर्यावरण हितैषी सौर ऊर्जा के ज़रिए नई जान डाल सकता है. ऐसा करके सिर्फ़ सूरज की रोशनी के ज़रिए Google के सर्वर को बिजली देने वाले ग्रिड को चलाया जा सकता है. Google का सर्वर ऐसी कमाल की चीज़ है, जिस पर बर्मिंघम के अलबामा विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और MBA कर चुकी स्मिथ को भी कभी-कभी हैरत होती है.

स्मिथ कहती हैं कि ये बात उन्हें हैरत में डाल देती है कि कैसे वो YouTube वीडियो, जिन्हें उनकी 15 साल की बेटी और 12 साल का बेटा बड़े ही चाव से देखते हैं, वास्तविक और आभासी दुनिया के साथ-साथ समय के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़ रहे हैं. वह कहती हैं, “इससे पता चलता है कि किसी चीज़ की शुरुआत से लेकर उसके इस्तेमाल तक, एक पूरा चक्र कैसे बनता है”

साइट 3:

ग्रेट वेस्टर्न विंड प्रोजेक्ट

ओक्लाहोमा, संयुक्त राज्य अमेरिका

93 टरबाइन

वहीं ओक्लाहोमा शहर से 150 मील उत्तर-पश्चिम की तरफ़, पैनहैंडल में, 'ग्रेट वेस्टर्न विंड प्रोजेक्ट' नाम की एकदम आधुनिक सुविधा है. यह इलाका इस जगह के सबसे दूर-दराज़ वाले इलाकों में आता है. यह सड़क लकी स्टार कसीनो (शायैन और अरापाहो जनजातियों की ओर से शुरू किया गया काम) से होकर गुज़रती है. इसके आस-पास ऐसी काउंटी (बहुत छोटे शहर) हैं जहां अभी भी तेल निकाला जाता है. साथ ही बड़े-बड़े घास के मैदान भी नज़र आते हैं जिनसे काले एंगस मवेशियों को चारा मिलता है.

टॉड अनराइन कहते हैं, “जब हवा चलती है और सब कुछ ठीक से काम कर रहा होता है, तो आपको एक अलग तरह की खुशी मिलती है.” टॉड सैन डिएगो में स्थित 'EDF Renewable Energy' के 225 मेगावाट वाले पवन ऊर्जा फ़ार्म के मैनेजर हैं. कई सालों तक कैलिफ़ोर्निया के सेंट्रल वैली के एक खाद्य गोदाम में फ़ोर्कलिफ़्ट ऑपरेटर के रूप में काम करने के बाद, उनरेन ने EDF में आवेदन किया. उन्होंने एक तकनीशियन के रूप में शुरुआत की, जिसमें उन्हें लिवरमोर के नज़दीक अल्टमॉन्ट पास में चारों तरफ़ लगे टरबाइन की सर्विस करनी होती थी. यह ऐसी नौकरी थी जिसके लिए किसी कॉलेज की डिग्री की ज़रूरत नहीं होती. तरक्की करने के इरादे से वह साल 2016 में ग्रेट वेस्टर्न से जुड़े. हालांकि वह जानते थे कि मिडवेस्ट के मैदानी इलाकों में रहने के लिए उन्हें अपने आपको बदलना होगा. 30 साल के अनराइन शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे हैं. वह कहते हैं “इस तकनीक की वजह से सुरक्षित रोज़गार के कई मौके मिल रहे हैं.”

ऊर्जा विभाग के अनुसार, अब तक सिर्फ़ पवन और सौर उद्योग के ज़रिए संयुक्त राज्य अमेरिका में 450,000 से ज़्यादा और दुनिया भर में 40 लाख से ज़्यादा लोगों को नौकरी मिली है. अगर हाइड्रोइलेक्ट्रिक और जैव ईंधन को शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या 90 लाख से भी ज़्यादा हो जाती है.

“इस तकनीक की वजह से सुरक्षित रोज़गार के कई मौके पैदा होते हैं. साथ ही जब हवा चलती है और सब कुछ ठीक से काम कर रहा होता है, तो आपको एक अलग तरह की खुशी मिलती है.”

टॉड अनराइन, ग्रेट वेस्टर्न विंड प्रोजेक्ट, ओक्लाहोमा

टॉड अनराइन, ग्रेट वेस्टर्न विंड प्रोजेक्ट, ओक्लाहोमा

हालांकि पवन उर्जा फ़ार्मों के लिए ऐसी जगह की ज़रूरत होती है, जहां कई सालों तक मौसम से जुड़े अध्ययन किए गए हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसके लिए ऐसी जगहें ही चाहिए जहां दुनिया में सबसे तेज़ हवा बहती हो. ग्रेट वेस्टर्न के टरबाइन 9 मील प्रति घंटे जितनी कम रफ़्तार वाली हवा यानी सुहानी हवा के झोंके से भी बिजली पैदा करने लगते हैं और लगभग 26 से 29 मील प्रति घंटे चलने वाली हवा से अपनी अधिकतम उत्पादन क्षमता पर पहुंच जाते हैं. 55 मील प्रति घंटा की रफ़्तार—आंधी जितनी तेज़ हवा—से ऊपर जाने पर टरबाइन अपने आप बंद हो जाते हैं. उनरेन कहते हैं, "हमें निरंतरता पसंद हैं."

अनराइन रोज कम से कम एक बार 4x4 शेवी कोलोराडो एलटी में बैठ कर, रेडियो पर गाने सुनते हुए फ़ार्म में जितना हो सके उतनी दूर तक चक्कर लगाते हैं. इस फ़ार्म में कुल मिला कर लगभग 50 मील लंबी सड़कें हैं. कौनसे टरबाइन काम कर रहे हैं और कितनों को सर्विसिंग या मरम्मत की ज़रूरत हो सकती है, यह देखना भी उनकी नौकरी का हिस्सा है. पंखे के घूमने के एंगल या पिच सिस्टम को ठीक करना कमज़ोर लोगों के बस की बात नहीं है: तकनीशियनों को 30 मंज़िल की ऊंचाई पर मौजूद नसेल (कवर हाउसिंग) तक पहुंचने के लिए अंदरूनी सीढ़ियों का इस्तेमाल करना होता है. टरबाइन के नसेल में ही उसका जनरेटर, गियर-बॉक्स और ड्राइवट्रेन होता है. यहां तक पहुंचना किसी बहुत बड़े रेडवुड पेड़ के सीधे खड़े तने पर चढ़ने से कम नहीं है. उनरेन कहते हैं कि “हम लोगों का इंटरव्यू लेते समय ये देखते हैं कि वो कितनी चढ़ाई चढ़ सकते हैं और उनमें से ज़्यादातर लोग आधे रास्ते तक पहुंचकर ही हार मान लेते हैं”. उनरेन ने जब शुरुआत की थी, तब उन्हें अपनी घबराहट से उबरने में लगभग एक हफ़्ता लग गया था.

इन दिनों वह ट्रैफ़िक या अपराध से दूर सिर्फ़ खुले मैदानों में काम करना पसंद करते हैं. इस काम में कभी कभार उन्हें ऊंचे-ऊंचे पिनव्हील के नीचे हिरण दिख जाता है, कभी चमगादड़ या सांप-बिच्छू देखने को मिल जाते हैं या ऐसे ही किसी गर्मी के दिन कीट-पतंगों के झुंड से उनका सामना हो जाता है.

जेसी कैट्ज़ लॉस एंजेलिस के एक लेखक हैं. वह अक्सर GQ, Billboard और Los Angeles पत्रिका के लिए लिखते रहते हैं.*

मार्क वीवर की तस्वीरें
वैलेरिओ पेलेग्रीनी के चार्ट और मैप

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